Mangalwar Vrat Katha: मंगलवार व्रत कथा

Mangalwar Vrat Katha

हिंदू धर्म में सप्ताह के प्रत्येक दिन का अपना एक विशेष महत्त्व है। मंगलवार का दिन भगवान हनुमान और मंगल देव को समर्पित माना जाता है। ऐसा विश्वास है कि जो भी व्यक्ति सच्चे मन से मंगलवार का व्रत करता है और Mangalwar Vrat Katha का श्रवण करता है, उसके जीवन से कर्ज, दरिद्रता, दुर्भाग्य और ग्रहदोष दूर होते हैं। इस व्रत का महत्व विशेष रूप से उन लोगों के लिए अधिक है जिनकी कुंडली में मंगली दोष, भूमि विवाद, कर्ज-समस्या या दुर्घटनाओं का योग बन रहा हो।

इस लेख में मंगलवार व्रत का सम्पूर्ण विवरण, कथा, विधि, नियम और लाभ को विस्तार से समझाया गया है।

यदि आप ‘खरमास 2025’ पढ़ना चाहते हैं, तो यहाँ क्लिक करें — खरमास 2025

मंगलवार व्रत का महत्व

मंगलवार का व्रत करने का प्रमुख उद्देश्य मंगलदेव को प्रसन्न करना है। मंगल ग्रह को शक्ति, साहस, पराक्रम, भूमि, भाई और उर्जा का कारक माना गया है। जब किसी व्यक्ति की कुंडली में मंगल ग्रह अशुभ अवस्थाओं में बैठ जाता है, तब व्यक्ति को निम्न समस्याओं का सामना करना पड़ता है—

  • बार-बार कर्ज बढ़ना
  • जमीन-जायदाद के विवाद
  • धन की कमी
  • दुर्घटनाओं की सम्भावना
  • वैवाहिक जीवन में बाधाएँ
  • मानसिक तनाव और क्रोध

ऐसे में मंगलवार का व्रत एक अत्यंत प्रभावी उपाय माना जाता है।

मंगलवार व्रत करने के लाभ

  1. कर्ज से मुक्ति: नियमित मंगलवार व्रत करने से कर्ज धीरे-धीरे उतरने लगता है।
  2. भूमि संबंधी कार्यों में सफलता: भूमि खरीद-फरोख्त, कानूनी कार्य और विवाद जल्दी सुलझते हैं।
  3. हनुमान जी की कृपा प्राप्त होती है: संकटमोचन की कृपा से भय, तनाव और रोग दूर होते हैं।
  4. मंगल दोष शांत होता है: मंगली दोष के कारण विवाह में आ रही रुकावटें समाप्त होती हैं।
  5. आत्मविश्वास और साहस बढ़ता है।
  6. परिवार में सुख-शांति आती है।

मंगलवार व्रत की विधि

मंगलवार का व्रत सूर्योदय से सूर्यास्त तक रखा जाता है। किसी भी व्यक्ति को यह व्रत पूर्ण श्रद्धा और नियमों के साथ करना चाहिए।

🔹 सुबह की तैयारी

  • प्रातःकाल स्नान करें।
  • लाल या केसरिया वस्त्र पहनें।
  • घर में स्वच्छ वातावरण रखें।

🔹 पूजन सामग्री

  • लाल पुष्प
  • रोली
  • सिंदूर
  • गुड़ या बूंदी
  • घी का दीपक
  • हनुमान चालीसा
  • मंगल यंत्र (ऐच्छिक)

🔹 पूजन विधि

  1. घर के मंदिर में हनुमान जी की प्रतिमा/चित्र स्थापित करें।
  2. दीपक और अगरबत्ती जलाकर हनुमान जी को लाल पुष्प अर्पित करें।
  3. सिंदूर का तिलक करें।
  4. हनुमान चालीसा, संकटमोचन, बजरंग बाण का पाठ करें।
  5. इसके बाद Mangalwar Vrat Katha का ध्यानपूर्वक पाठ करें।
  6. पूजा के बाद प्रसाद बांटें।

🔹 संध्या पूजा

सूर्यास्त के बाद हनुमान जी को गुड़-चने का भोग लगाकर आरती करें।

Mangalwar Vrat Katha – मंगलवार व्रत कथा

प्राचीन कथाओं के अनुसार, एक समय की बात है कि एक गरीब ब्राह्मण था। वह बेहद गरीब था और परिवार के भरण-पोषण के लिए दिन-रात मेहनत करता था, फिर भी उसके घर में कभी अन्न का पर्याप्त भंडार नहीं होता था। कर्ज बढ़ता जा रहा था और परिवार में हर तरफ निराशा का वातावरण था।

एक दिन वह अत्यंत दुखी होकर जंगल की ओर चला गया। रास्ते में उसे एक महात्मा मिले। ब्राह्मण ने अपने दुःखों का वर्णन किया। महात्मा ने कहा—

“बेटा, तुम्हारे जीवन में संकट मंगल ग्रह की अशुभ दशा के कारण आ रहे हैं। यदि तुम मंगलवार का व्रत करोगे और श्रद्धापूर्वक Mangalwar Vrat Katha सुनोगे, तो तुम्हारे सभी कष्ट दूर होंगे।”

ब्राह्मण ने महात्मा के बताए अनुसार अगले मंगलवार से व्रत प्रारंभ कर दिया। वह सूर्योदय से पहले उठकर स्नान करता, लाल वस्त्र पहनता और हनुमान जी का पूजन करता। इसके बाद वह मंगलवार की कथा पढ़ता और दिनभर फलाहार करता।

कुछ ही दिनों में ब्राह्मण के जीवन में चमत्कारिक परिवर्तन आने लगे। उसका कर्ज धीरे-धीरे उतर गया। व्यापार बढ़ने लगा। घर में सुख-शांति का वातावरण बनने लगा। उसका परिवार समृद्ध होने लगा।

ब्राह्मण ने हनुमान जी और मंगलदेव का आभार व्यक्त किया।

कथा का सार यह है कि—

जो भी व्यक्ति सच्चे मन से मंगलवार का व्रत करता है और Mangalwar Vrat Katha पढ़ता है, उसके जीवन से कष्ट, कर्ज और ग्रहदोष समाप्त हो जाते हैं। भगवान हनुमान की कृपा से उसके सारे कार्य सिद्ध होने लगते हैं।

मंगलवार व्रत के नियम

इस व्रत को सफल और फलदायी बनाने के लिए कुछ महत्वपूर्ण नियम बताए गए हैं—

  1. व्रत रखने वाले को क्रोध नहीं करना चाहिए।
  2. मांस, मदिरा, तला-भुना भोजन, प्याज-लहसुन का सेवन वर्जित है।
  3. सत्य बोलें और किसी का अनिष्ट न करें।
  4. दिन में एक समय फलाहार या दूध का सेवन किया जा सकता है।
  5. यदि संभव हो तो लाल या सिंदूरी रंग के वस्त्र पहनें।
  6. व्रत के दिन हनुमान चालीसा अवश्य पढ़ें।
  7. किसी निर्धन व्यक्ति को भोजन या दान दें।

कौन लोग मंगलवार का व्रत रखें?

  • जिनकी कुंडली में मंगली दोष हो
  • जिन पर कर्ज बढ़ रहा हो
  • जिनको भूमि या मकान संबंधी परेशानियाँ हों
  • विवाह में अड़चन आ रही हो
  • दुर्भाग्य बार-बार सामने आ रहा हो
  • अत्यधिक क्रोध, तनाव या भय बना रहता हो
  • दुर्घटनाओं का योग बन रहा हो

ऐसे लोग यह व्रत अवश्य रखें।

मंगलवार व्रत का पारण कैसे करें?

मंगलवार व्रत का पारण अगले दिन (बुधवार) सुबह स्नान कर ताजे भोजन से किया जाता है। पारण के बाद किसी ब्राह्मण या जरूरतमंद को भोजन अवश्य कराएं।

मंगलवार व्रत में क्या खाएँ? (फलाहार)

  • फल
  • दूध
  • सूखे मेवे
  • साबूदाना
  • कुट्टू/सिंघाड़े का आटा
  • मूंगफली
  • शक्कर या गुड़

यदि आप रोज़ाना भक्तिमय वीडियो और हनुमान जी से जुड़े पाठ सुनना चाहते हैं, तो हमारे YouTube चैनल पर जाएँ— Bhakti Uday Bharat

निष्कर्ष

मंगलवार का व्रत जीवन से अशुभता दूर करने और मंगल ग्रह को संतुष्ट करने का अत्यंत प्रभावी उपाय है। जो भी व्यक्ति श्रद्धापूर्वक इस व्रत का पालन करता है और नियमित रूप से Mangalwar Vrat Katha का पाठ करता है, उसके जीवन में सुख, शांति, धन, साहस और सफलता का वास होता है।

मंगलदेव और हनुमान जी की कृपा से बाधाएँ दूर होती हैं तथा जीवन में नई ऊर्जा का संचार होता है।

Leave a Comment

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

Scroll to Top