Kartik Purnima 2026: कार्तिक पूर्णिमा 2026

Kartik Purnima 2026

Kartik Purnima हिंदू धर्म के सबसे पावन पर्वों में से एक है। यह पर्व कार्तिक मास की शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि को मनाया जाता है। इस दिन भगवान विष्णु, शिव, माता लक्ष्मी और चंद्र देव की विशेष पूजा की जाती है।

Kartik Purnima 2026 विशेष रूप से धार्मिक दृष्टि से अत्यंत फलदायी मानी जा रही है, क्योंकि इस दिन किए गए स्नान, दान और दीपदान से जन्म-जन्मांतर के पाप नष्ट होते हैं।

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Kartik Purnima 2026 Date & Time

कार्तिक पूर्णिमा 2026 की तिथि और समय (शुद्ध पंचांग अनुसार):

  • पूर्णिमा तिथि प्रारंभ:
    23 नवंबर 2026 को रात 23:44:35 बजे
  • पूर्णिमा तिथि समाप्त:
    24 नवंबर 2026 को रात 20:25:24 बजे

उदया तिथि के अनुसार Kartik Purnima 2026 का पर्व 24 नवंबर 2026 (मंगलवार) को मनाया जाएगा।

Kartik Purnima का धार्मिक महत्व

कार्तिक पूर्णिमा को देव दीपावली, त्रिपुरारी पूर्णिमा और गुरु नानक जयंती के रूप में भी मनाया जाता है।

धार्मिक मान्यता के अनुसार:

  • इस दिन देवता पृथ्वी पर आते हैं
  • गंगा स्नान से मोक्ष की प्राप्ति होती है
  • दीपदान करने से घर में सुख-समृद्धि आती है

Kartik Purnima के दिन किया गया एक दीपदान, सौ अश्वमेध यज्ञ के बराबर फल देता है।

Kartik Purnima 2026 का पौराणिक इतिहास

पौराणिक कथा के अनुसार:

  • भगवान शिव ने इस दिन त्रिपुरासुर का वध किया था
  • इसी कारण इसे त्रिपुरी पूर्णिमा भी कहा जाता है
  • भगवान विष्णु ने इसी दिन मत्स्य अवतार धारण किया था

इसलिए Kartik Purnima पर शिव और विष्णु दोनों की पूजा का विशेष महत्व है।

Kartik Purnima Rituals (कार्तिक पूर्णिमा के अनुष्ठान)

Kartik Purnima rituals हिंदू धर्म में अत्यंत पवित्र माने जाते हैं। प्रमुख अनुष्ठान इस प्रकार हैं:

1. पवित्र स्नान

  • गंगा, यमुना या किसी पवित्र नदी में स्नान
  • संभव न हो तो घर पर गंगाजल मिलाकर स्नान करें

2. दीपदान

  • नदी, तालाब या मंदिर में दीपक जलाएं
  • शाम को घर के बाहर दीपक रखना शुभ माना जाता है

3. भगवान विष्णु की पूजा

  • तुलसी दल, पीले फूल, चंदन
  • विष्णु सहस्रनाम का पाठ

4. भगवान शिव की आराधना

  • बेलपत्र अर्पण
  • “ॐ नमः शिवाय” मंत्र का जाप

5. दान-पुण्य

  • अन्न, वस्त्र, दीपक, तिल, घी का दान
  • ब्राह्मण या जरूरतमंद को दान करें

Kartik Purnima Vrat Vidhi (व्रत विधि)

Kartik Purnima व्रत करने से जीवन में शांति और सौभाग्य की प्राप्ति होती है।

व्रत नियम:

  • ब्रह्म मुहूर्त में स्नान
  • पूरे दिन फलाहार या निर्जल व्रत
  • शाम को चंद्रमा को अर्घ्य

चंद्र अर्घ्य मंत्र:

ॐ सोमाय नमः

Kartik Purnima पर तुलसी पूजा का महत्व

कार्तिक मास तुलसी माता को समर्पित होता है।

  • पूर्णिमा के दिन तुलसी के नीचे दीपक जलाएं
  • विष्णु कृपा प्राप्त होती है
  • विवाह और संतान सुख में वृद्धि होती है

Kartik Purnima और देव दीपावली

काशी (वाराणसी) में Kartik Purnima को देव दीपावली के रूप में मनाया जाता है।

  • गंगा घाटों पर लाखों दीप जलते हैं
  • देवताओं का स्वागत किया जाता है
  • यह दृश्य अत्यंत दिव्य होता है

Kartik Purnima पर क्या करें और क्या न करें

क्या करें:

  • स्नान, दान, दीपदान
  • सत्य और संयम का पालन
  • मंत्र जाप और ध्यान

क्या न करें:

  • झूठ बोलना
  • तामसिक भोजन
  • क्रोध और नकारात्मकता

Kartik Purnima 2026 के लाभ

  • पापों का नाश
  • धन और वैभव की प्राप्ति
  • मोक्ष का मार्ग प्रशस्त
  • ग्रह दोषों में कमी

Kartik Purnima 2026 FAQs

Q. Kartik Purnima 2026 कब है?

24 नवंबर 2026 (मंगलवार)

Q. Kartik Purnima rituals क्यों महत्वपूर्ण हैं?

क्योंकि इससे देव कृपा प्राप्त होती है और जन्म-जन्मांतर के पाप नष्ट होते हैं।

Q. Kartik Purnima पर दीपदान क्यों किया जाता है?

अंधकार से प्रकाश की ओर जाने का प्रतीक है।

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निष्कर्ष (Conclusion)

Kartik Purnima 2026 केवल एक पर्व नहीं, बल्कि आध्यात्मिक जागरण का अवसर है। इस दिन किए गए Kartik Purnima rituals, स्नान, दान और पूजा से जीवन में सुख, शांति और समृद्धि आती है।

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