Gayatri Mata Aarti Lyrics in Hindi : गायत्री माता आरती लिरिक्स

Gayatri Mata Aarti Lyrics

गायत्री माता आरती लिरिक्स – महत्व, विधि, लाभ और आध्यात्मिक रहस्य

गायत्री माता को हिंदू धर्म में ज्ञान, बुद्धि, विवेक और आत्मिक प्रकाश की देवी माना गया है। वेदों में गायत्री को “वेदमाता” कहा गया है। जिस प्रकार सूर्य पूरे संसार को प्रकाश देता है, उसी प्रकार गायत्री माता मानव जीवन को अज्ञान के अंधकार से निकालकर ज्ञान के प्रकाश की ओर ले जाती हैं

gayatri mata aarti lyrics केवल एक भक्ति गीत नहीं है, बल्कि यह साधक के जीवन को शुद्ध, पवित्र और संतुलित बनाने का एक प्रभावशाली माध्यम है।

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गायत्री माता का पौराणिक परिचय

पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, गायत्री माता ब्रह्मा जी की शक्ति हैं। उन्हें पाँच मुखों वाली देवी के रूप में दर्शाया जाता है, जो मनुष्य के पाँच तत्वों और पाँच प्राणों का प्रतीक हैं।

गायत्री माता के पाँच मुख:

  1. ओंकार
  2. अग्नि
  3. सूर्य
  4. चंद्र
  5. पृथ्वी

इनका अर्थ है कि गायत्री माता संपूर्ण ब्रह्मांडीय ऊर्जा का प्रतिनिधित्व करती हैं।

Gayatri Mata Aarti Lyrics (गायत्री माता आरती)

गायत्री माता आरती लिरिक्स इन हिंदी

ॐ जय गायत्री माता,
मैया जय गायत्री माता।
सत्‌ मारग पर चलने वाली,
ज्ञान दीप जलाने वाली,
तुम हो जग की माता॥

ॐ जय गायत्री माता॥

भक्ति भाव से जो कोई,
तुमको नित ध्याता।
मन की मलिनता हरती,
सुख-शांति बरसाता॥

ॐ जय गायत्री माता॥

चारों वेद तुम्हारी महिमा,
गुण गान सुनाते।
ऋषि-मुनि और देव तुम्हें,
नित शीश नवाते॥

ॐ जय गायत्री माता॥

ज्ञान स्वरूपा माता तुम,
अज्ञान नशाती।
भक्तों के जीवन में तुम,
नव ज्योति जगाती॥

ॐ जय गायत्री माता॥

जो कोई आरती गावे,
मन से ध्यान लगावे।
उसके कष्ट मिटाती,
भव सागर तर जावे॥

ॐ जय गायत्री माता॥

Gayatri Mata Aarti Lyrics in Hindi – भावार्थ

गायत्री माता की आरती हमें यह सिखाती है कि जीवन में सत्य, सदाचार और ज्ञान का मार्ग ही सर्वोत्तम है। यह आरती मन की अशुद्धियों को दूर कर आत्मिक शांति प्रदान करती है।
जो भक्त श्रद्धा और भक्ति भाव से gayatri mata aarti का पाठ करता है, उसे माता की विशेष कृपा प्राप्त होती है।

गायत्री माता कौन हैं?

गायत्री माता को पाँच मुखों वाली देवी के रूप में दर्शाया जाता है, जो पंचतत्वों का प्रतीक हैं। उनके चार हाथों में:

  • कमंडल
  • पुस्तक
  • माला
  • कमल

धारण किए जाते हैं, जो ज्ञान, साधना और शुद्धता के प्रतीक हैं।

गायत्री माता आरती का धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व

gayatri mata aarti का नियमित पाठ करने से साधक के भीतर निम्न परिवर्तन देखे जाते हैं:

आध्यात्मिक लाभ

  • आत्मिक शांति की प्राप्ति
  • ध्यान और साधना में स्थिरता
  • ईश्वर से जुड़ाव की अनुभूति

मानसिक लाभ

  • तनाव और चिंता में कमी
  • नकारात्मक विचारों का अंत
  • आत्मविश्वास में वृद्धि

शारीरिक और सामाजिक लाभ

  • सकारात्मक ऊर्जा का संचार
  • निर्णय लेने की क्षमता में सुधार
  • जीवन में संतुलन और अनुशासन

गायत्री माता आरती कब करें?

गायत्री माता की आरती निम्न समयों पर विशेष फल देती है:

  • प्रातः सूर्योदय के समय
  • संध्या काल में
  • पूर्णिमा
  • अमावस्या
  • गायत्री जयंती
  • नवरात्रि के दौरान

गायत्री माता आरती विधि

  1. स्वच्छ वस्त्र पहनें
  2. पूजा स्थान साफ करें
  3. गायत्री माता की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें
  4. दीपक और अगरबत्ती जलाएं
  5. पहले गायत्री मंत्र का जाप करें
  6. फिर श्रद्धा से gayatri mata aarti lyrics का पाठ करें

Gayatri Mata Aarti और Gayatri Mantra का संबंध

गायत्री मंत्र को संसार का सबसे शक्तिशाली मंत्र माना जाता है:

ॐ भूर्भुवः स्वः
तत्सवितुर्वरेण्यं
भर्गो देवस्य धीमहि
धियो यो नः प्रचोदयात्॥

जहाँ गायत्री मंत्र बुद्धि को जागृत करता है, वहीं gayatri mata aarti lyrics उस जागृत बुद्धि को जीवन में स्थिर करने का माध्यम बनती है।

गायत्री माता आरती से जुड़ी मान्यताएँ

  • माना जाता है कि आरती से घर में सकारात्मक ऊर्जा आती है
  • नकारात्मक शक्तियाँ दूर होती हैं
  • बच्चों की पढ़ाई में प्रगति होती है
  • मानसिक तनाव कम होता है

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निष्कर्ष

Gayatri Mata Aarti Lyrics in Hindi केवल एक आरती नहीं, बल्कि जीवन को सही दिशा देने वाला आध्यात्मिक साधन है।
यदि आप प्रतिदिन श्रद्धा से gayatri mata aarti का पाठ करते हैं, तो माता गायत्री की कृपा सदैव आपके जीवन में बनी रहती है।

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