Hanuman Chalisa का पाठ कब और कैसे करना चाहिए?
भूमिका सनातन धर्म में हनुमान चालीसा (hanuman chalisa) का विशेष स्थान है। यह केवल एक स्तोत्र नहीं, बल्कि जीवन के […]
भूमिका सनातन धर्म में हनुमान चालीसा (hanuman chalisa) का विशेष स्थान है। यह केवल एक स्तोत्र नहीं, बल्कि जीवन के […]
हनुमान चालीसा का परिचय (Introduction) हनुमान चालीसा भगवान हनुमान को समर्पित एक अत्यंत प्रसिद्ध भक्ति ग्रंथ है। इसे तुलसीदास जी
भारत की धार्मिक परंपरा में असंख्य स्तोत्र, मंत्र और कवच लिखे गए हैं, लेकिन “हनुमान बाहुक” उन दुर्लभ और अत्यंत
मां दुर्गा शक्ति, भक्ति और संरक्षण की देवी हैं। श्री दुर्गा चालीसा (Shri Durga Chalisa Lyrics) के पाठ से नकारात्मक
भगवान गणेश को विघ्नहर्ता और बुद्धि के देवता कहा जाता है। हर शुभ कार्य की शुरुआत उनसे ही होती है।
भगवान शिव को त्रिदेवों में संहारक की उपाधि प्राप्त है। वे केवल संहारक ही नहीं बल्कि करुणा, दया और प्रेम
श्री दुर्गा चालीसा – पाठ, महत्व, लाभ और विशेष विधि मां दुर्गा, शक्ति और भक्ति की अधिष्ठात्री देवी, सनातन धर्म
शिव चालीसा ॥ दोहा ॥ जय गणेश गिरिजा सुत,मंगल मूर्ति सुजान।कहत अयोध्यादास अब,करो कृपा भगवान॥ ॥ चौपाई ॥ जय गिरिजा
दुर्गा चालीसा ॥ दुर्गा चालीसा ॥ दोहा : नमो नमो दुर्गे सुख करनी,नमो नमो दुर्गे दुःख हरनी।निराकार है ज्योति तुम्हारी,त्रिभुवन
गणेश चालीसा जय गणपति सदगुण सदन, कविवर वदन कृपाल।विघ्न हरण मंगल करण, जय जय गिरिजालाल॥ चौपाई जय जय जय गणपति