Holi 2026: होलिका दहन की राख माथे पर क्यों लगाई जाती है? जानें घर में रखने का शुभ स्थान और लाभ
होलिका दहन के बाद बची हुई राख को सनातन परंपरा में अत्यंत पवित्र माना जाता है। मान्यता है कि यह […]
होलिका दहन के बाद बची हुई राख को सनातन परंपरा में अत्यंत पवित्र माना जाता है। मान्यता है कि यह […]
रंगभरी एकादशी हिन्दू धर्म का एक खास व्रत एवं पर्व है, जो फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि
गुरुवार दोपहर 1:30 बजे से दोपहर 3:00 बजे तक ज्योतिष शास्त्र में राहुकाल को शुभ मुहूर्त नहीं माना जाता है,
कल का दिन कुछ राशियों के लिए नए अवसर और सफलता लेकर आएगा, तो कुछ को सतर्क और सावधान रहने
26 फरवरी 2026, गुरुवार को फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि है। यह तिथि 12:33 AM तक रहेगी,
हर वर्ष फाल्गुन मास में आने वाली नरसिंह द्वादशी का हिंदू धर्म में विशेष महत्व माना जाता है। यह तिथि
आमलकी एकादशी 2026 एक पवित्र हिंदू व्रत और उत्सव है, जिसे भगवान विष्णु (श्रीहरि) को समर्पित किया जाता है। यह
ब्रज होली 2026 केवल एक दिन का पर्व नहीं है, बल्कि यह लगभग 40 दिनों तक चलने वाला आध्यात्मिक और
बुधवार दोपहर 12:00 बजे से दोपहर 1:30 बजे तक ज्योतिष शास्त्र में राहुकाल को शुभ मुहूर्त नहीं माना जाता है,
आज का दिन कुछ राशियों के लिए लाभ तो कुछ के लिए सावधानी का संकेत दे रहा है—संयम और समझदारी