
भारत की पावन भूमि पर ऐसे अनेक तीर्थ स्थल हैं जहाँ श्रद्धा, विश्वास और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिलता है। उन्हीं में से एक प्रमुख तीर्थ है खाटू श्याम धाम, जहाँ विराजमान हैं खाटू श्याम जी — जिन्हें श्रद्धालु प्रेम से हारे का सहारा कहते हैं।
श्याम बाबा की भक्ति में आरती का विशेष स्थान है। प्रातः और संध्या के समय गाई जाने वाली khatu shyam aarti lyrics भक्तों के मन को शांति, संतोष और आध्यात्मिक ऊर्जा से भर देती है।
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खाटू श्याम जी कौन हैं?
खाटू श्याम जी को महाभारत के महान योद्धा बर्बरीक का अवतार माना जाता है। बर्बरीक, घटोत्कच के पुत्र और भीम के पौत्र थे। उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण को अपना शीश दान किया था।
भगवान कृष्ण उनकी भक्ति से प्रसन्न होकर बोले—
“कलियुग में तुम श्याम नाम से पूजे जाओगे।”
तभी से वे श्याम बाबा, लखदातार, और हारे का सहारा कहलाए।
खाटू श्याम धाम का धार्मिक महत्व
राजस्थान के सीकर जिले में स्थित खाटू श्याम मंदिर उत्तर भारत के सबसे बड़े भक्ति केंद्रों में से एक है।
- फाल्गुन मास में लगने वाला खाटू श्याम मेला विश्व प्रसिद्ध है
- लाखों श्रद्धालु नंगे पांव बाबा के दर्शन करने आते हैं
- मंदिर में दिन की शुरुआत और अंत खाटू श्याम आरती से होती है
यही कारण है कि khatu shyam aarti lyrics हर भक्त की जुबान पर रहती है।
Khatu Shyam Ji Aarti Lyrics (पूर्ण आरती)
ॐ जय श्री श्याम हरे, बाबा जय श्री श्याम हरे।
खाटू धाम विराजत, अनुपम रूप धरे॥
ॐ जय श्री श्याम हरे…
रतन जड़ित सिंहासन, सिर पर चंवर ढुरे।
तन केसरिया बागो, कुण्डल श्रवण पड़े॥
ॐ जय श्री श्याम हरे…
गल पुष्पों की माला, सिर पर मुकुट धरे।
खेवट धूप दीप से, आरती उतारे॥
ॐ जय श्री श्याम हरे…
श्याम प्रभु की आरती, जो कोई नर गावे।
कहत भक्त-जन, मनवांछित फल पावे॥
ॐ जय श्री श्याम हरे…
यही सबसे लोकप्रिय khatu shyam ji aarti lyrics है, जिसे भारत के लगभग हर श्याम मंदिर में गाया जाता है।
खाटू श्याम आरती का आध्यात्मिक अर्थ
आरती केवल दीप जलाने की क्रिया नहीं है, बल्कि यह अहंकार को जलाकर ईश्वर के चरणों में समर्पण का प्रतीक है।
- दीपक = अज्ञान का नाश
- प्रकाश = ज्ञान और कृपा
- घंटी = नकारात्मक शक्तियों का अंत
जब भक्त श्रद्धा से khatu shyam aarti गाता है, तो उसका मन स्वतः ही शुद्ध होने लगता है।
खाटू श्याम जी की आरती करने की विधि
घर या मंदिर में आरती करने की सही विधि:
- स्नान करके स्वच्छ वस्त्र धारण करें
- श्याम बाबा की तस्वीर या मूर्ति स्थापित करें
- दीपक, धूप, पुष्प अर्पित करें
- शांत मन से khatu shyam aarti lyrics का पाठ करें
- अंत में बाबा से मनोकामना करें
नियमित आरती से जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आने लगते हैं।
खाटू श्याम जी की आरती के चमत्कारी लाभ
जो भक्त नित्य khatu shyam ji aarti lyrics का पाठ करते हैं, उन्हें ये लाभ मिलते हैं:
- रुके हुए कार्य पूरे होने लगते हैं
- आर्थिक संकट दूर होते हैं
- मानसिक तनाव कम होता है
- परिवार में सुख-शांति बनी रहती है
- नकारात्मक ऊर्जा का नाश होता है
इसीलिए कहा जाता है—
“जो श्याम को माने, उसका कोई क्या बिगाड़े।”
विशेष अवसर जब आरती का महत्व और बढ़ जाता है
- एकादशी और द्वादशी
- फाल्गुन मेला
- जन्माष्टमी
- सोमवार और शनिवार
- मनोकामना पूर्ति के समय
इन दिनों गाई गई khatu shyam aarti विशेष फल प्रदान करती है।
खाटू श्याम भक्ति में आरती का स्थान
भक्ति के अनेक मार्ग हैं—जप, तप, ध्यान, भजन।
परंतु आरती इन सबका सार मानी जाती है, क्योंकि इसमें:
- भजन की मधुरता
- पूजा की विधि
- और समर्पण की भावना
तीनों समाहित होते हैं।
इसी कारण khatu shyam aarti lyrics हर श्याम भक्त की दिनचर्या का हि स्सा है।
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निष्कर्ष (Conclusion)
Khatu Shyam Aarti Lyrics केवल शब्दों का समूह नहीं, बल्कि यह विश्वास, श्रद्धा और आत्मसमर्पण की जीवंत अभिव्यक्ति है।
जो भी भक्त सच्चे मन से khatu shyam ji aarti lyrics गाता है, बाबा श्याम उसकी हर पीड़ा हर लेते हैं।
🙏 जय श्री श्याम
🙏 हारे का सहारा, श्याम हमारा


