Bhor Bhai Din Chad Gaya Meri Ambe Lyrics : भोर भई दिन चढ़ गया मेरी अम्बे

bhor bhai din chad gaya meri ambe lyrics

भूमिका (Introduction)

bhor bhai din chad gaya meri ambe एक अत्यंत लोकप्रिय और श्रद्धापूर्ण भक्ति गीत है, जिसे माता रानी की आराधना में विशेष रूप से गाया जाता है। यह भजन माँ अम्बे के प्रति भक्तों की गहरी आस्था और प्रेम को दर्शाता है।
सुबह के समय गाया जाने वाला यह गीत भक्तों के मन में सकारात्मक ऊर्जा, शांति और भक्ति भाव का संचार करता है।

bhor bhai din chad gaya meri ambe lyrics विशेषकर नवरात्रि, दुर्गा पूजा, अष्टमी और नवमी के दिन मंदिरों और घरों में श्रद्धा के साथ गाए जाते हैं।

भजन का महत्व

bhor bhai din chad gaya meri ambe केवल एक भजन नहीं, बल्कि माँ दुर्गा की महिमा का वर्णन है। इस भजन में माँ अम्बे को जगाने, उनके श्रृंगार और पूजन का सुंदर चित्रण किया गया है।

यह भजन यह संदेश देता है कि—

  • माँ अम्बे अपने भक्तों के कष्ट हरती हैं
  • सच्चे मन से की गई प्रार्थना अवश्य स्वीकार होती है
  • सुबह की भक्ति दिन को शुभ बनाती है

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Bhor Bhai Din Chad Gaya Meri Ambe Lyrics in Hindi

भोर भई दिन चढ़ गया मेरी अम्बे
हो रही जय जयकार मंदिर विच
आरती उतारें भक्त खड़े
माँ के दरबार मंदिर विच

भोर भई दिन चढ़ गया मेरी अम्बे
हो रही जय जयकार मंदिर विच

माँ के चरणों में शीश नवाएं
मन की मुरादें माँ से पाएं
श्रद्धा भाव से झूम रहे
सारे संसार मंदिर विच

भोर भई दिन चढ़ गया मेरी अम्बे
हो रही जय जयकार मंदिर विच

लाल चुनरिया ओढ़े मैया
हीरे मोती जड़े हैं नैना
सूरज चंदा ज्योति बनें
माँ के श्रृंगार मंदिर विच

भोर भई दिन चढ़ गया मेरी अम्बे
हो रही जय जयकार मंदिर विच

दुखियों के दुख हरने वाली
भक्तों की नैया पार लगाने वाली
दीन दयालु करुणामयी
ममता का भंडार मंदिर विच

भोर भई दिन चढ़ गया मेरी अम्बे
हो रही जय जयकार मंदिर विच

भजन का भावार्थ (Meaning)

bhor bhai din chad gaya meri ambe lyrics in hindi का भाव यह है कि सुबह होते ही माँ अम्बे की आराधना शुरू हो जाती है। भक्त माँ के दरबार में उपस्थित होकर उनकी आरती करते हैं और जयकारे लगाते हैं।

इस भजन में माँ के श्रृंगार, करुणा, शक्ति और भक्तवत्सल स्वरूप का सुंदर वर्णन है। माँ को दीन-दुखियों की रक्षक और भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण करने वाली बताया गया है।

कब और कैसे गाया जाता है यह भजन?

  • नवरात्रि के नौ दिनों में
  • दुर्गा अष्टमी और नवमी
  • सुबह की आरती के समय
  • माता के जागरण में
  • मंदिरों और घरों में पूजा के दौरान

bhor bhai din chad gaya meri ambe भजन को प्रातःकाल गाना अत्यंत शुभ माना जाता है।

भक्ति और आध्यात्मिक प्रभाव

इस भजन को गाने से—

  • मन को शांति मिलती है
  • नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है
  • आत्मविश्वास और सकारात्मकता बढ़ती है
  • माता रानी की कृपा प्राप्त होती है

bhor bhai din chad gaya meri ambe lyrics विशेष रूप से उन भक्तों के लिए है जो दिन की शुरुआत माँ की भक्ति से करना चाहते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

Q1. भोर भई दिन चढ़ गया मेरी अम्बे किस देवी को समर्पित है?

यह भजन माँ दुर्गा / माँ अम्बे को समर्पित है।

Q2. क्या यह भजन नवरात्रि में गाया जाता है?

हाँ, नवरात्रि में यह भजन विशेष रूप से गाया जाता है।

Q3. क्या यह सुबह गाने के लिए उपयुक्त है?

जी हाँ, यह एक प्रातःकालीन भजन है।

Q4. bhor bhai din chad gaya meri ambe lyrics in hindi कहाँ पढ़ सकते हैं?

आप इस ब्लॉग में पूरी lyrics हिंदी में पढ़ सकते हैं।

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निष्कर्ष (Conclusion)

भोर भई दिन चढ़ गया मेरी अम्बे भजन माँ अम्बे की महिमा और भक्तों की अटूट श्रद्धा को दर्शाता है। यह भजन न केवल धार्मिक महत्व रखता है बल्कि मानसिक शांति और आध्यात्मिक ऊर्जा भी प्रदान करता है।

यदि आप bhor bhai din chad gaya meri ambe lyrics हिंदी में खोज रहे थे, तो यह लेख आपके लिए संपूर्ण और उपयोगी है।

🙏 जय माता दी 🙏

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