Dinanath Meri Baat Lyrics : दीनानाथ मेरी बात

Dinanath Meri Baat Lyrics

दीनानाथ मेरी बात | भजन के बोल, भावार्थ और महत्व

Dinanath Meri Baat Lyrics एक अत्यंत भावुक और भक्तिभाव से भरा हुआ भजन है, जिसे भगवान श्रीकृष्ण (श्रीनाथ जी) को समर्पित किया गया है। यह भजन भक्त के मन की पीड़ा, उसकी आशा, विश्वास और भगवान के प्रति पूर्ण समर्पण को दर्शाता है। जब भक्त संसार की उलझनों से घिर जाता है, तब वह दीनानाथ से सीधे संवाद करता है — “दीनानाथ मेरी बात छानी कोनी तेरे सिवा”

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दीनानाथ मेरी बात भजन का भाव

यह भजन केवल शब्दों का संग्रह नहीं है, बल्कि यह एक टूटे हुए मन की पुकार है। भक्त स्वयं को दीन, असहाय और कमजोर मानकर भगवान से निवेदन करता है कि अब उसके जीवन की नाव केवल प्रभु के सहारे है।

“दीनानाथ” शब्द स्वयं में बहुत गहरा अर्थ रखता है —

  • दीन यानी दुखी, असहाय
  • नाथ यानी स्वामी, रक्षक

अर्थात जो दीनों का नाथ है, वही भगवान श्रीकृष्ण।

Dinanath Meri Baat Lyrics in Hindi

दीनानाथ मेरी बात छानी कोनी तेरे सिवा
अब सुन ले अर्ज मेरी सरकार गिरधर प्यारे…

दीनानाथ मेरी बात छानी कोनी तेरे सिवा
अब सुन ले अर्ज मेरी सरकार गिरधर प्यारे

कागज़ की ये नाव चली थी, लहरों ने घेर लिया
हाथ पकड़ ले अब तो मोहन, डूबत है जग सारा

दीनानाथ मेरी बात छानी कोनी तेरे सिवा

मैं अपराधी तू क्षमादाता, ये जग बोले झूठ
तेरे दर पे आया मोहन, अब ना करना रूठ

दीनानाथ मेरी बात छानी कोनी तेरे सिवा

कभी न छोड़ा भक्तों को तू, वेद पुराण गवाह
आज बुला रहा दास तेरा, रख ले मेरी चाह

दीनानाथ मेरी बात छानी कोनी तेरे सिवा

Dinanath Meri Baat Lyrics in Hindi का अर्थ (भावार्थ)

इस भजन में भक्त कहता है कि:

  • हे दीनानाथ! मेरी बात अब कोई नहीं सुनता, सिवाय आपके
  • यह संसार झूठा है, लोग अपने मतलब से साथ देते हैं
  • मैं अपराधी हो सकता हूँ, पर आप तो क्षमा के सागर हैं
  • मेरी जीवन-नौका डूब रही है, अब आप ही मेरा सहारा हैं

यह भजन पूर्ण शरणागति (Surrender) का प्रतीक है।

दीनानाथ मेरी बात भजन का आध्यात्मिक महत्व

  1. आत्मसमर्पण की भावना – यह भजन सिखाता है कि जब सब रास्ते बंद हो जाएं, तब प्रभु का द्वार हमेशा खुला रहता है।
  2. भक्त और भगवान का संबंध – यह भजन मित्रता, वात्सल्य और करुणा से भरा है।
  3. मन की शांति – इस भजन को सुनने या पढ़ने से मन शांत होता है।

Dinanath Meri Baat भजन कब गाएं?

  • जब मन अत्यंत परेशान हो
  • जब जीवन में निराशा हो
  • जब कोई साथ न दे
  • प्रातः या संध्या पूजा के समय
  • एकादशी, जन्माष्टमी, पूर्णिमा के दिन

भजन का धार्मिक संदर्भ

यह भजन विशेष रूप से श्रीनाथ जी (नाथद्वारा) की भक्ति परंपरा से जुड़ा हुआ माना जाता है। वैष्णव संप्रदाय में ऐसे भजन सेवा और समर्पण का प्रतीक होते हैं।

क्यों प्रसिद्ध है “Dinanath Meri Baat”?

  • सरल भाषा
  • गहरा भाव
  • हर भक्त खुद को इससे जोड़ पाता है
  • भजन गायकों द्वारा मंच और भजन संध्या में गाया जाता है

Dinanath Meri Baat Lyrics in Hindi पढ़ने के लाभ

  • सकारात्मक ऊर्जा
  • आत्मविश्वास
  • ईश्वर में अटूट विश्वास
  • मानसिक तनाव से मुक्ति

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निष्कर्ष (Conclusion)

Dinanath Meri Baat Lyrics in Hindi केवल एक भजन नहीं, बल्कि हर उस व्यक्ति की आवाज़ है जो जीवन में संघर्ष कर रहा है। जब इंसान टूट जाता है, तब यही भजन उसे फिर से जोड़ता है — भगवान से।

यदि आप भी सच्चे मन से भगवान से बात करना चाहते हैं, तो दीनानाथ मेरी बात भजन आपके लिए एक अमूल्य साधन है।

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