
4 दिसंबर का पंचांग मार्गशीर्ष मास की शुक्ल पक्ष चतुर्दशी तिथि से शुरू होता है, जो सुबह 08:37 बजे तक रहेगी। इसके बाद पूर्णिमा तिथि प्रारंभ होकर 5 दिसंबर की सुबह 04:43 बजे तक चलेगी। आज कृत्तिका नक्षत्र दोपहर 02:54 बजे तक रहेगा, जिसके बाद रोहिणी नक्षत्र प्रारंभ होगा। सुबह से दोपहर 12:34 बजे तक शिव योग का प्रभाव रहेगा, तत्पश्चात सिद्ध योग प्रारंभ होकर अगले दिन सुबह तक बना रहेगा। करणों में वणिज करण 08:38 बजे तक, फिर विष्टि (भद्रा) 06:41 बजे तक, उसके बाद बव करण रात 04:44 बजे तक तथा अंत में बालव करण शुरू होगा।
आज सूर्य वृश्चिक राशि में स्थित हैं जबकि चन्द्रमा पूरे दिन वृषभ राशि में संचार करेगा। सूर्योदय के बाद दिन में कई महत्त्वपूर्ण समय भी बनते हैं जिसमें अभिजीत मुहूर्त 11:55 बजे से 12:38 बजे तक शुभ माना गया है । अमृत काल 12:49 बजे से 02:12 बजे तक रहेगा। ब्रह्म मुहूर्त सुबह 05:22 बजे से 06:10 बजे तक उत्तम साधना काल है । वहीं यमगण्ड 06:57–08:17 बजे, कुलिक 09:37–10:57 बजे तथा दुर्मुहूर्त 10:30–11:13 बजे और 02:46–03:28 बजे तक अशुभ माना जाता है। वर्ज्य काल सुबह 04:49–06:12 बजे तक रहेगा।
आज मार्गशीर्ष पूर्णिमा और अन्नपूर्णा जयंती का पावन पर्व भी है, जो पूजन, दान और भोग लगाने के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। इसके अलावा कृत्तिका नक्षत्र और बुधवार के संयोग से बना सर्वार्थसिद्धि योग 3 दिसंबर की शाम से 4 दिसंबर की सुबह 06:57 बजे तक प्रभावी रहा, जो हर प्रकार के शुभ कार्यों के लिए अत्यंत लाभकारी योग माना जाता है।
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