
तिथि, नक्षत्र और योग
31 दिसंबर 2025, बुधवार को पौष शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि रहेगी, जो रात 01:48 AM तक रहेगी, उसके बाद त्रयोदशी प्रारंभ होगी। दिन में कृत्तिका नक्षत्र 01:30 AM तक चलेगा, फिर रोहिणी नक्षत्र लग जाएगा। साध्य योग 09:13 PM तक रहेगा, उसके बाद शुभ योग लागू होगा। करण क्रम में पहले बव 03:27 PM तक, फिर बालव 01:48 AM तक, और उसके बाद कौलव रहेगा। सूर्य देव धनु राशि में और चंद्रमा सुबह 09:23 AM तक मेष, फिर वृषभ राशि में प्रवेश करेगा।
शुभ समय (Auspicious Timings)
इस दिन अभिजीत मुहूर्त उपलब्ध नहीं है, लेकिन रात में अमृत काल 11:19 PM से 12:45 AM तक शुभ माना जाएगा। ब्रह्म मुहूर्त 05:36 AM से 06:24 AM तक रहेगा, जो जप, ध्यान और पूजा के लिए श्रेष्ठ समय है। यमगंड 08:31 AM – 09:50 AM, कुलिक 11:10 AM – 12:29 PM और दुर्मुहूर्त 12:08 PM – 12:51 PM अशुभ माने जाते हैं। वर्ज्य काल 02:44 PM – 04:10 PM तक रहेगा, जिसमें विशेष कार्यों को टालना बेहतर है।
विशेष योग और चंद्राष्टम
दिन विशेष इसलिए भी है क्योंकि कई शुभ योग बन रहे हैं। सर्वार्थसिद्धि योग 31 दिसंबर 03:58 AM से 01 जनवरी 01:30 AM तक रहेगा (कृत्तिका और मंगलवार के संयोग से)। इसके साथ त्रिपुष्कर योग 31 दिसंबर 05:01 AM – 07:12 AM तक प्रभावी रहेगा। अगले दिन यानी 01 जनवरी को 01:30 AM – 07:12 AM तक भी सर्वार्थसिद्धि योग रोहिणी और बुधवार के संयोग से बनता है। चंद्राष्टम नक्षत्र उत्तराफाल्गुनी (अंतिम 3 पद), हस्त और चित्रा (पहले 2 पद) वालों के लिए थोड़ा सावधानी का समय माना गया है।
आज का राहुकाल पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें: 31 दिसंबर 2025 राहुकाल बुधवार
आज का राशिफल देखने के लिए यहाँ क्लिक करें: राशिफल 31 दिसंबर बुधवार 2025
